रीवा के उपरहटी मोहल्ले में प्राचीन शिवलिंग ‘पड़ोसी बाबा’ के नाम से पूजित है। मान्यता है कि यह हजार वर्ष पुराना है। टेढ़ी जलहरी, भस्म आरती और रंगपंचमी का आयोजन इसकी विशेष पहचान है।
सतना के भुमरा शिव मंदिर से 1920 में प्राप्त भगवान गणेश और उनकी शक्ति की यह अनूठी गुप्तकालीन प्रतिमा आज अमेरिका के बॉस्टन संग्रहालय में सुरक्षित है। चार भुजाओं वाले गणेशजी इस प्रतिमा में शक्तिस्वरूपा के साथ विराजमान हैं। भारतीय कला, शिल्प और इतिहास के लिए यह प्रतिमा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सतना जिले की उचेहरा तहसील के धनिया गांव के पास सात धाराओं के बीच खुले आसमान में विराजमान हैं भूतेश्वर महादेव। सावन के तीसरे सोमवार को यहां भक्तमंडल द्वारा 16 श्रृंगार किया जाता है। मान्यता है कि रात्रि में भूत-प्रेत महादेव की आराधना करते हैं, जिससे इनका नाम 'भूतेश्वर' पड़ा। बारिश में जलमग्न होकर भी शिवलिंग की महिमा कम नहीं होती।















